भगवद्गीता पर आधारित यह पुस्तक ख़ास तौर पर युवा पीढ़ी के लिए लिखी गई है, जिनके पास समय कम है, लेकिन वे भारतीय संस्कृति के इस अनुपम ग्रंथ से परिचित होना चाहते हैं। यह पुस्तक सरल भाषा में भगवद्गीता का सार, मर्म और महत्व बताती है। इस पुस्तक में भगवद्गीता के हर अध्याय के 5 मुख्य विचार बताए गए हैं, साथ ही यह भी बताया गया है कि आप उनसे क्या सीख सकते हैं। हर अध्याय लघु आकार का है, जिसे आप बहुत ही कम समय में पढ़ सकते हैं। यानी 18 अध्याय पढ़ने में आपको कुछ ही घंटों का समय लगेगा, हालाँकि भगवद्गीता का मर्म समझने और जीवन में उतारने में तो शायद पूरी ज़िंदगी लग सकती है! इस 18 अध्याय वाली भगवद्गीता को आप जितनी बार पढ़ेंगे, उतनी बार नए अर्थ समझ में आएँगे, क्योंकि आपकी उम्र, परिस्थिति, अनुभव और ज्ञान हर बार अलग होगा। इस पुस्तक का उद्देश्य भगवद्गीता का सारांश सरल भाषा में बताना है, ताकि आप इस महान ग्रंथ के संदेश और विचारों का लाभ ले सकें। आशा है कि इसे पढ़ने से आपको भी उतना ही आध्यात्मिक लाभ होगा, जितना इसे लिखने में लेखक को हुआ है। जय श्रीकृष्ण!
Author: Dr. Sudhir Dikshit | Publisher: Manjul India | Language: Hindi | Binding: Paperback | No of Pages: 171
